अंबिकापुर, 17 जून । सरगुजा जिला के अंबिकापुर शहर ले लगे ग्राम पंचायत कुल्हाड़ी मं बुधवार बिहान एक दुखद घटना सामने आइस। जंगल मं महुआ के फल बिनाय गे एक ग्रामीण महिला ऊपर दंतैल हाथी हमला कर दिस, जेन ले ओकर मौके मं ही मौत होगे। ए घटना के बाद पूरा गांव मं शोक अउ दहशत के माहौल बन गे हवय।
मिली जानकारी मुताबिक, महिला रोज के जइसने बुधवार के बिहान करीब 7 बजे जंगल महुआ के फल बिनाय बर गे रहिस। जंगल के भीतर पहुंचतेच ओकर सामना एक दंतैल हाथी ले होगे, जेन ह अचानक हमला कर दिस। हमला अतेक अचानक रहिस कि महिला अपन बचाव नइ कर सकिस अउ घटना स्थल मं ही ओकर मौत होगे।
घटना के खबर गांव पहुंचते ही लोगन के भीड़ जंगल के किनारे जुट गे। परिवार वाले अउ गांव के लोगन मन ए घटना ले गहरे सदमा मं हवंय। गांव मं हर कोती दुख अउ चिंता के माहौल देखे जा सकत हवय।
दल ले अलग होके भटकत हवय दंतैल हाथी
ग्रामीण मन अउ वन विभाग ले मिले जानकारी के अनुसार, हमला करे वाला हाथी अपन झुंड ले अलग होगे हवय। पिछले कई दिन ले ए हाथी कुल्हाड़ी अउ आसपास के इलाका मं भटकत हवय। झुंड ले अलग होय के कारण ओकर व्यवहार आक्रामक होगे हवय, जेन ले आसपास के गांव मं डर के माहौल बने हवय।
ग्रामीण मन बताथें कि हाथी कई बार गांव के नजदीक तक पहुंच गे रहिस, ए कारण लोगन रात मं घलो सतर्क रहिथें। खेत जाय अउ जंगल मं लकड़ी, महुआ या अन्य वन उपज बिनाय जाय मं अब लोगन डरत हवंय।
वन विभाग अलर्ट, गांव मं बढ़ाइस निगरानी
घटना के जानकारी मिलते ही वन विभाग के टीम तत्काल मौके मं पहुंचिस। अधिकारी मन घटना स्थल के निरीक्षण करिन अउ हाथी के मूवमेंट ऊपर लगातार नजर रखे जावत हवय। वन अमला गांव अउ जंगल के आसपास तैनात कर दे गे हवय ताकि हाथी के गतिविधि के जानकारी समय रहते ग्रामीण मन ला मिल सके।
वन विभाग ह गांव वाले मन ला सख्त हिदायत दे हवय कि जब तक हाथी के सुरक्षित जगह मं नइ भेजे जाथे, तब तक जंगल जाय ले बचें अउ अकेल्ला कतको दूर नइ जावंय। अधिकारी मन कहिथें कि हाथी जंगली जीव आय अउ जब वो तनाव या अकेलापन मं रहिथे, तब ओकर व्यवहार अप्रत्याशित हो सकथे।
ग्रामीण मन मं डर, महिला के परिवार ऊपर टूटिस दुख के पहाड़
महिला के मौत के बाद ओकर परिवार मं मातम पसरे हवय। गांव के महिला मन कहिथें कि महुआ बिनना गांव के जीवन के हिस्सा आय। बिहान-बिहान जंगल जाना रोज के काम रहिथे, फेर ए घटना के बाद अब लोगन के मन मं डर बस गे हवय।
ग्रामीण मन के कहना हवय कि हाथी के बढ़त आवाजाही ले अब जंगल मं जाना जोखिम भरा होगे हवय। ओमन वन विभाग ले मांग करत हवंय कि हाथी ला जल्द ले जल्द आबादी क्षेत्र ले दूर करे जावय अउ गांव मं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होवय।
मानव अउ वन्यजीव संघर्ष बनत हवय बड़ी चुनौती
सरगुजा संभाग के कई इलाका मं बीते कुछ बरस ले हाथी के आवाजाही बढ़े हवय। जंगल क्षेत्र के नजदीक बसे गांव मं मानव अउ वन्यजीव के बीच संघर्ष के घटना घलो बढ़त जावत हवय। ए स्थिति मं वन विभाग के सामने हाथी के सुरक्षा अउ ग्रामीण मन के जान-माल के सुरक्षा, दूनों एक बड़ी चुनौती बन गे हवय।
विशेषज्ञ मन के माने त जंगल के बदलत परिस्थितियां अउ हाथी मन के प्राकृतिक मार्ग मं बदलाव के कारण ए समस्या बढ़त जावत हवय। ए कारण ग्रामीण मन ला जागरूक करे अउ समय-समय मं सतर्कता बर सलाह देना जरूरी होगे हवय।
सतर्कता बर वन विभाग के अपील
वन विभाग ह ग्रामीण मन ले अपील करे हवय कि हाथी दिखे के स्थिति मं ओकर नजदीक जाय के कोशिश बिल्कुल नइ करंय। जंगल जाय के पहिली जानकारी जरूर लेवंय अउ समूह मं जावंय। हाथी के गतिविधि दिखे त तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन ला सूचना देवंय।
अंबिकापुर के कुल्हाड़ी गांव मं घटित ए दुखद घटना ह एक बार फेर मानव अउ वन्यजीव के बीच बढ़त संघर्ष के गंभीरता ला सामने लाए हवय। पूरा गांव आज शोक मं डूबे हवय अउ लोगन के उम्मीद हवय कि भविष्य मं अइसन घटना के रोकथाम बर प्रभावी कदम उठाए जाही।
