कोरबा। आम नागरिकों तक सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त और मानक अनुरूप दवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले में तीन दिवसीय विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन नवा रायपुर तथा कलेक्टर कोरबा के निर्देशानुसार और सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में यह अभियान 4 जून से 6 जून तक संचालित किया गया। अभियान के दौरान मेडिकल स्टोर्स, सरकारी अस्पतालों, कॉस्मेटिक विक्रेताओं तथा पशु औषधि विक्रय केंद्रों की गहन जांच की गई।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके उचित भंडारण, खरीद-बिक्री की वैधता और औषधि संबंधी नियमों के पालन की समीक्षा करना था। साथ ही पशुओं में उपयोग होने वाली दवाओं के अनियंत्रित उपयोग को रोकना और आम जनता के स्वास्थ्य हितों की रक्षा करना भी अभियान की प्राथमिकताओं में शामिल रहा।
पहले दिन मेडिकल स्टोर्स और कॉस्मेटिक दुकानों की हुई जांच
अभियान के पहले दिन जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स एवं कॉस्मेटिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने सुर्तरा स्थित मधु मेडिकल स्टोर्स, मां महामाया प्रोविजन स्टोर्स, अमित गिफ्ट एवं श्रृंगार, वृंदा मेडिकल स्टोर्स सहित उरगा क्षेत्र के आयुष्मान मेडिकल स्टोर्स, सृष्टि गिफ्ट कॉर्नर और जायसवाल श्रृंगार का निरीक्षण किया। इसके अलावा कोरबा के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित वर्षा मेडिकल एवं श्रृंगार सदन में भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कॉस्मेटिक उत्पादों के भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। कई दुकानदारों को उत्पादों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने और खरीद संबंधी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि सभी उत्पादों की खरीद नियमानुसार वैध बिल के माध्यम से ही की जाए।
सरकारी अस्पतालों में दवा खरीद और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा
अभियान के दूसरे दिन टीम ने जिले के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर खरीदी जाने वाली दवाओं के क्रय-विक्रय दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई।
निरीक्षण शासकीय चिकित्सालय केंद्रीय भंडार, अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दीपका तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई बाजार में किया गया। अधिकारियों ने फार्मासिस्टों और स्टोर प्रभारियों को निर्देशित किया कि दवाओं की खरीद केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही की जाए।
इसके अलावा दवाओं को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता से सीधे मरीजों का स्वास्थ्य जुड़ा होता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पशु औषधियों की बिक्री पर भी रखी गई कड़ी नजर
अभियान के तीसरे दिन टीम ने पशुओं के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं की बिक्री और उनके उपयोग की जांच की। इस दौरान पेट शॉप्स, पशु चारा दुकानों और वेटनरी मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के किसी भी प्रकार की पशु औषधि का विक्रय नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही दवाओं की बिक्री की जाए।
यह कार्रवाई निहारिका स्थित लीला डेयरी, बुधवारी बायपास स्थित अंबिका मेडिको सर्जिको, खरमोरा स्थित ओम मेडिकोज, पुराना बस स्टैंड स्थित केडिया पेट शॉप, जायसवाल मेडिकल स्टोर्स, सृष्टि मेडिकल निहारिका, अंबिका मेडिकल बजरंग चौक, राजेश मेडिकल दीपका और एम.के. मेडिको कोरबा में की गई।
आम जनता को सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना है उद्देश्य
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, औषधियों के दुरुपयोग पर नियंत्रण स्थापित करना तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि कई बार गलत तरीके से संग्रहीत या बिना अनुमति बेची जाने वाली दवाएं लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसे में नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी आवश्यक है। विभाग भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखेगा ताकि जिले के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध हो सकें।
इन अधिकारियों ने संभाली अभियान की जिम्मेदारी
तीन दिवसीय इस विशेष अभियान का संचालन खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला कोरबा के औषधि प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। इसमें सहायक औषधि नियंत्रक महेन्द्र कुमार देवांगन, औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, ऋषि साहू तथा वीरेन्द्र भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि दवा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
