रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा ह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ले मुलाकात कर नुआखाई पर्व म शामिल होए बर न्योता दिस। जानिए नुआखाई के सांस्कृतिक अउ धार्मिक महत्व।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ के समृद्ध संस्कृति, लोक परंपरा अउ सामाजिक समरसता ले जुड़े नुआखाई पर्व ला लेके राजधानी रायपुर म खास तैयारी करे जा रहिस। एही कड़ी म रायपुर के भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ह नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन म राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ले सौजन्य मुलाकात करिन अउ उनला रायपुर म आयोजित होए वाले नुआखाई पर्व म शामिल होए बर विधिवत न्योता दिस।
राष्ट्रपति ले मुलाकात के दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा ह छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपरा, सामाजिक एकता अउ नुआखाई पर्व के महत्व के बारे म विस्तार ले जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रपति ला बताइस कि छत्तीसगढ़ म नुआखाई सिरिफ एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नइ, बल्कि ये नई फसल, प्रकृति के प्रति आभार, परिवार के एकजुटता अउ समाज म भाईचारा के भावना ला मजबूत करे वाला पर्व आय।
विधायक के मुताबिक भगवान श्री जगन्नाथ के पावन परंपरा ले जुड़े नुआखाई पर्व के छत्तीसगढ़ म विशेष सांस्कृतिक अउ आध्यात्मिक महत्व हवय। ए पर्व के माध्यम ले लोगन अपन जड़, अपन माटी अउ अपन परंपरा ले जुड़थें।
राष्ट्रपति भवन पहुंचके विधायक पुरंदर मिश्रा ह दिस न्योता
रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा ह नई दिल्ली म राष्ट्रपति भवन पहुंचके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ले मुलाकात करिन। ए दौरान उन्होंने रायपुर म आयोजित होए वाले नुआखाई पर्व के कार्यक्रम म शामिल होए बर राष्ट्रपति ला आमंत्रित करिन।
विधायक ह राष्ट्रपति ला छत्तीसगढ़ के पारंपरिक संस्कृति अउ नुआखाई पर्व के बारे म जानकारी देत कहिन कि प्रदेश के अलग-अलग समाज अउ समुदाय मन अपन लोक परंपरा के संग ए पर्व ला मनाथें। नुआखाई के आयोजन म धार्मिक आस्था के संग सामाजिक मेल-जोल अउ सांस्कृतिक विविधता के सुंदर रूप देखे बर मिलथे।
पुरंदर मिश्रा ह राष्ट्रपति ला रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर म आयोजित होए वाले कार्यक्रम के संबंध म घलो जानकारी दी। उन्होंने कहिन कि ए आयोजन श्रद्धा, संस्कृति अउ सामाजिक समरसता के संगम बनही।
नुआखाई सिरिफ पर्व नइ, नई फसल अउ प्रकृति बर आभार के परंपरा
नुआखाई पर्व के सबसे खास पहलू ये हवय कि ये नई फसल अउ प्रकृति के प्रति मनखे के आभार के भावना ले जुड़ल हवय। खेती-किसानी ले जुड़े समाज बर नई फसल के विशेष महत्व होथे। किसान मन अपन मेहनत अउ प्रकृति के सहयोग ले तैयार फसल बर आभार जताथें अउ अपन परिवार अउ समाज के संग खुशी मनाथें।
विधायक पुरंदर मिश्रा ह राष्ट्रपति मुर्मू ला नुआखाई के एही सांस्कृतिक भावना के बारे म जानकारी दी। उन्होंने बताइस कि ए पर्व मनखे ला अपन जड़ अउ माटी ले जोड़े रखथे।
आज के तेजी ले बदलत समय म जब लोग अपन पारंपरिक जीवनशैली ले धीरे-धीरे दूर होवत जावत हवंय, अइसन पर्व मन के महत्व अउ बढ़ जाथे। नुआखाई जइसन आयोजन नई पीढ़ी ला अपन संस्कृति अउ परंपरा के बारे म जाने अउ समझे के मौका देथे।
भगवान श्री जगन्नाथ के परंपरा ले जुड़ल हवय नुआखाई
छत्तीसगढ़ म भगवान श्री जगन्नाथ के भक्ति अउ परंपरा के अपन अलग महत्व हवय। नुआखाई पर्व के आयोजन म घलो भगवान श्री जगन्नाथ के पावन परंपरा के प्रभाव देखे बर मिलथे।
रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर म आयोजित होए वाला नुआखाई कार्यक्रम म धार्मिक आस्था के संग सांस्कृतिक रंग घलो देखने ला मिलही। पर्व के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाज, पूजा-अर्चना अउ सामाजिक मेल-मिलाप के वातावरण बने के उम्मीद हवय।
विधायक पुरंदर मिश्रा ह कहिन कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जइसन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद म आसीन व्यक्तित्व के ए आयोजन म शामिल होना छत्तीसगढ़ बर गौरव के बात होही।
उनका मानना हवय कि राष्ट्रपति के सान्निध्य ले प्रदेश के सांस्कृतिक विरासत, भगवान श्री जगन्नाथ के भक्ति परंपरा अउ नुआखाई पर्व ला राष्ट्रीय स्तर म अउ ज्यादा पहचान मिल सकथे।
छत्तीसगढ़ के संस्कृति ला देशभर म नई पहचान मिलही
विधायक पुरंदर मिश्रा ह राष्ट्रपति ला न्योता देय के बाद कहिन कि ये उनके बर बहुत बड़े गौरव अउ सौभाग्य के विषय आय। उन्होंने कहिन कि छत्तीसगढ़ अपन समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा अउ सामाजिक विविधता बर देशभर म पहिचान रखथे।
उनका कहना हवय कि राष्ट्रपति के नुआखाई पर्व म शामिल होए ले प्रदेश के संस्कृति ला देश के सामने अउ मजबूती ले प्रस्तुत करे के अवसर मिलही। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व, लोककला, धार्मिक परंपरा अउ सामाजिक जीवन के बारे म देश के अलग-अलग हिस्सा के लोगन ला जाने के मौका मिल सकथे।
उन्होंने ये घलो कहिन कि छत्तीसगढ़ के संस्कृति सिरिफ उत्सव मनाए तक सीमित नइ हे। ए संस्कृति म प्रकृति के सम्मान, परिवार के महत्व, समाज म भाईचारा अउ एक-दूसर के प्रति अपनापन के भावना जुड़ल हवय।
सामाजिक एकता अउ भाईचारा के संदेश देथे नुआखाई
नुआखाई पर्व के एक अउ महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक समरसता आय। ए पर्व म लोगन एक-दूसर के संग मिलके खुशी मनाथें। परिवार के सदस्य मन एक जगह जुटथें अउ अपन परंपरा के संग पर्व ला मनाथें।
ग्रामीण अंचल म खेती-किसानी अउ नई फसल ले जुड़े परिवार बर ए पर्व के विशेष महत्व रहिथे। नई फसल के स्वागत के संग लोगन अपन पुरखा मन के परंपरा ला आगे बढ़ाथें।
विधायक पुरंदर मिश्रा ह कहिन कि नुआखाई मनखे ला अपन माटी, गांव, परिवार अउ समाज ले जोड़े रखे वाला पर्व आय। ए कारण एखर सांस्कृतिक महत्व सिरिफ एक दिन के आयोजन तक सीमित नइ रहिथे।
उनका मुताबिक अइसन पर्व समाज म आपसी सद्भाव अउ भाईचारा ला मजबूत करथे अउ अलग-अलग समुदाय के बीच एकता के भावना पैदा करथे।
रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर म होही खास आयोजन
रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर म आयोजित होए वाला नुआखाई पर्व ला लेके श्रद्धालु मन म उत्साह देखे बर मिलत हवय। आयोजन म धार्मिक कार्यक्रम के संग सांस्कृतिक गतिविधियन के घलो समावेश होए के उम्मीद हवय।
विधायक पुरंदर मिश्रा ह राष्ट्रपति ला कार्यक्रम म शामिल होए बर न्योता देत छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत के महत्व ला सामने रखिन।
अगर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ए आयोजन म शामिल होथें, त ये छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक कार्यक्रम मन बर एक महत्वपूर्ण अवसर होही। राष्ट्रपति के उपस्थिति ले आयोजन के गरिमा बढ़ही अउ प्रदेश के लोक परंपरा ला राष्ट्रीय स्तर म चर्चा मिल सकथे।
छत्तीसगढ़ के लोक परंपरा ला आगे बढ़ाय के जरूरत
आज के समय म छत्तीसगढ़ के लोकपर्व अउ पारंपरिक आयोजन मन ला नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी होगे हवय। शहर के बढ़त विस्तार अउ आधुनिक जीवनशैली के बीच पारंपरिक पर्व मन के रूप बदलत जरूर हवय, फेर इनके मूल भावना ला जिंदा रखना समाज के जिम्मेदारी आय।
नुआखाई जइसन पर्व मनखे ला अपन पुरखा, अपन माटी अउ अपन संस्कृति के संग जोड़े रखथें। एखर माध्यम ले बच्चा अउ युवा मन अपन क्षेत्र के परंपरा के बारे म जान सकथें।
विधायक पुरंदर मिश्रा ह घलो नुआखाई के एही सांस्कृतिक महत्व ला राष्ट्रपति के सामने रखिन। उनका कहना हवय कि ए पर्व छत्तीसगढ़ के पहचान के एक महत्वपूर्ण हिस्सा आय अउ एकर संरक्षण अउ प्रचार-प्रसार जरूरी हे।
राष्ट्रपति के न्योता ले बढ़ल आयोजन के गरिमा
रायपुर म होए वाला नुआखाई पर्व बर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ला न्योता देय के बाद ए आयोजन ला लेके उत्सुकता अउ बढ़ गे हवय। राष्ट्रपति के रायपुर आगमन अउ कार्यक्रम म सहभागिता ला लेके अंतिम स्थिति उनके कार्यक्रम अउ स्वीकृति ऊपर निर्भर करही।
फिलहाल विधायक पुरंदर मिश्रा ह राष्ट्रपति भवन पहुंचके न्योता देके छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परंपरा ला देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाए के एक प्रयास करे हवंय।
ए पहल के जरिए नुआखाई पर्व के सांस्कृतिक महत्व ला राष्ट्रीय स्तर म सामने रखे के कोशिश करे गे हवय। छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति, धार्मिक परंपरा अउ सामाजिक समरसता के संदेश ला देश के अलग-अलग हिस्सा तक पहुंचाय म अइसन आयोजन के महत्वपूर्ण भूमिका हो सकथे।
