संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर को वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से लाई गई पवित्र माटी युक्त कलश सौंपा। जानिए समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य और कार्यक्रम की पूरी जानकारी।
रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे देश में चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत राजधानी रायपुर में एक भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर, जो संत गुरु रविदास जी की पावन जन्मस्थली है, वहां से लाई गई पवित्र माटी युक्त कलश का विधि-विधान से पूजन कर प्रदेशभर के प्रतिनिधियों को सौंपा गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उस समय रहा जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर शहर के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर को अपने करकमलों से पवित्र माटी युक्त कलश प्रदान किया। यह केवल एक धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं था, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी था।
श्रीराम मंदिर से हुई कार्यक्रम की आध्यात्मिक शुरुआत
समारोह की शुरुआत राजधानी रायपुर स्थित श्रीराम मंदिर परिसर से हुई, जहां पूज्य संत-महात्माओं के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र कलश का पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। धार्मिक वातावरण, मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
पूजन के दौरान उपस्थित साधु-संतों ने संत गुरु रविदास जी के जीवन, उनके सामाजिक संदेश और समरस समाज की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में उनके विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त कर समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हुआ मुख्य समारोह
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात राजधानी के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन और उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, सेवा, मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही सामाजिक समरसता को सशक्त बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का राष्ट्रीय अभियान है। इस अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास जी के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
दीपक सिंह ठाकुर को सौंपा गया पवित्र कलश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपस्थित संत-महात्माओं के करकमलों से भाजपा बिलासपुर शहर के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर को वाराणसी की पवित्र माटी युक्त कलश सौंपा गया।
यह कलश संत गुरु रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से विशेष रूप से लाया गया था। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पवित्र माटी श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक मानी जाती है। दीपक सिंह ठाकुर ने इस अवसर को अपने लिए सौभाग्य बताते हुए कहा कि यह केवल सम्मान नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास जी के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा तथा समरसता और सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक ले जाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समाज के विभिन्न वर्गों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के प्रमुख, धार्मिक संत, जनप्रतिनिधि, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह में सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने अपने जीवनकाल में सामाजिक विषमताओं के खिलाफ आवाज उठाई और मानवता को सर्वोपरि माना। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य
देशभर में चलाया जा रहा समरसता संकल्प अभियान संत गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।
वाराणसी स्थित गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र माटी युक्त कलश को विभिन्न राज्यों और जिलों तक पहुंचाकर लोगों को उनके जीवन दर्शन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह अभियान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेश और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
संत गुरु रविदास के विचार आज भी हैं प्रासंगिक
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन में सदैव समानता, मानवता और प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाई और कर्म, सेवा तथा सदाचार को जीवन का आधार बताया। यही कारण है कि उनके विचार आज भी देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में जब समाज को एकजुट रखने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है, ऐसे में गुरु रविदास जी के विचार सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बना आयोजन
रायपुर में आयोजित यह समारोह केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और संत परंपरा के सम्मान का भी एक महत्वपूर्ण अवसर बना। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने संत गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में समानता और सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलासपुर भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर को पवित्र माटी युक्त कलश सौंपे जाने के साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि संतों की शिक्षाओं को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन में अपनाकर समाज को अधिक समरस और सशक्त बनाया जाए।
