कोरबा जिला के कुदमुरा वन परिक्षेत्र मं एक दंतैल हाथी के पहुंचे ले हड़कंप मच गे हे। वन विभाग अलर्ट होके गांव-गांव मं मुनादी करा थे अउ ग्रामीण मन ला जंगल नइ जाए के सलाह दे गे हे। पढ़व पूरा खबर।
कोरबा (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया) । कोरबा जिला के कुदमुरा वन परिक्षेत्र मं एक दंतैल हाथी के अचानक पहुंच जाए ले पूरा इलाका मं हड़कंप के माहौल बन गे हे। जंगल ले लगे गांव मन मं रहइया लोगन मं डर के माहौल देखे जा थे। जइसेच वन विभाग ला दंतैल हाथी के मौजूदगी के जानकारी मिलिस, विभाग के अधिकारी अउ कर्मचारी हर तुरंत हरकत मं आ गिन। हाथी के गतिविधि ऊपर लगातार नजर रखे जात हे अउ ग्रामीण मन ला सतर्क करे बर गांव-गांव मं मुनादी कराए जात हे।
जानकारी के मुताबिक, हाटी इलाका ले भटकत ये दंतैल हाथी कुदमुरा वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक पी-1140 मं विचरण करत देखे गे हे। हाथी के देखे जाए के सूचना मिलत ही वन अमला पूरा सतर्क हो गे हे। विभाग के टीम हाथी के हर गतिविधि ऊपर नजर बनाए रखे हे ताकि वो मानव बस्ती के ओर नइ बढ़े अउ कोनो प्रकार के जन-धन के नुकसान ले बचाव हो सके।
गांव-गांव मं मुनादी कर ग्रामीण मन ला कराए जात हे सतर्क
वन विभाग दंतैल हाथी के मौजूदगी वाले इलाका के आसपास बसे गांव मन मं लगातार मुनादी करा थे। ग्रामीण मन ला साफ तौर मं समझाइस जा थे कि वो मन फिलहाल जंगल या जंगल लगे खेत-खार मं अकेल्ला नइ जावंय। खासकर बिहान अउ सांझ के समय जंगल जाए ले बचे के सलाह दे गे हे, काबर ए समय हाथी के गतिविधि ज्यादा रहिथे।
वन विभाग के कर्मचारी गांव-गांव पहुंचके ग्रामीण मन ला हाथी ले बचाव के जरूरी जानकारी घलो देत हें। लोगन ला समझाइस जात हे कि हाथी दिखे के स्थिति मं घबराना नइ चाही, बल्कि तुरंत वन विभाग ला जानकारी देना चाही।
पहिली ले दू हाथी करत हें गीतकुंआरी इलाका मं विचरण
बताय जात हे कि कुदमुरा वन परिक्षेत्र मं पहिली ले दू हाथी गीतकुंआरी इलाका मं घूमत हें। अब एक अउ दंतैल हाथी के पहुंच जाए ले रेंज मं हाथी मन के संख्या बढ़के तीन हो गे हे। ए बात ला लेके वन विभाग के चिंता घलो बढ़ गे हे, काबर जियादा हाथी होए ले मानव-हाथी संघर्ष के संभावना घलो बढ़ जाथे।
वन विभाग लगातार हाथी मन के मूवमेंट ऊपर नजर रखत हे अउ कोशिश करे जात हे कि हाथी जंगल के भीतर बने रहंय अउ गांव के ओर रुख नइ करंय।
ग्रामीण मन ला सावधानी बर जारी करे गे सलाह
वन विभाग ग्रामीण मन ला कुछ जरूरी सावधानी अपनाए के सलाह दे हे। विभाग के मुताबिक—
- जंगल या जंगल लगे इलाका मं अकेल्ला नइ जावंय।
- रात बेरा बिना जरूरत घर ले बाहर नइ निकलव।
- हाथी दिखे के स्थिति मं ओकर नजदीक जाए के कोशिश बिल्कुल नइ करव।
- हाथी ला भगाए बर पटाखा, मशाल या दूसर तरीका के उपयोग नइ करव।
- तुरंत वन विभाग या गांव के जिम्मेदार व्यक्ति ला जानकारी देवव।
- छोटे लइका मन ला जंगल के आसपास नइ जाए देवव।
वन विभाग के कहना हे कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसा के कारण बन सकथे, ए से सब्बो ग्रामीण मन के सहयोग जरूरी हे।
वन अमला लगातार करत हे निगरानी
वन विभाग के टीम हाथी के हर गतिविधि ऊपर चौबीसों घंटा नजर रखे हे। विभाग के कर्मचारी अलग-अलग इलाका मं गश्त करथें अउ हाथी के मूवमेंट के जानकारी लगातार जुटावत हें। जरूरत पड़ने ऊपर आसपास के गांव मन ला तुरंत सूचना दे जाए के व्यवस्था घलो करे गे हे।
वन विभाग के अधिकारी मन के कहना हे कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण मं हे, फेर ग्रामीण मन ला सतर्क रहना बहुत जरूरी हे। विभाग के टीम हर समय अलर्ट मोड मं काम करत हे ताकि कोनो अप्रिय घटना नइ होवय।
मानव अउ वन्यजीव के बीच संतुलन बनाना सबसे जरूरी
विशेषज्ञ मन के मुताबिक, जंगल के इलाका मं हाथी मन के विचरण करना सामान्य बात आय। फेर जंगल के क्षेत्र कम होवत जाए अउ मानव बसाहट बढ़े के चलते हाथी कई बेर गांव के नजदीक पहुंच जाथें। ए स्थिति मं सबसे जरूरी बात ये आय कि ग्रामीण मन धैर्य बनाए रखंय अउ वन विभाग के निर्देश के पालन करंय।
हाथी छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण वन्यजीव मन मं गिने जाथें। एखर संरक्षण के संग-संग ग्रामीण मन के सुरक्षा घलो उतकेच जरूरी हे। एही से वन विभाग लगातार निगरानी अउ जागरूकता अभियान चलावत हे।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण मं, लेकिन सतर्कता जरूरी
फिलहाल दंतैल हाथी जंगल के भीतर ही विचरण करत हे अउ वन विभाग ओकर हर गतिविधि ऊपर नजर रखे हे। हालांकि, ग्रामीण मन ला अब्बड़ सतर्क रहना के जरूरत हे। विभाग के अपील हे कि अफवाह ऊपर भरोसा नइ करव अउ कोनो घलो जानकारी मिलत ही तुरंत वन अमला ला सूचना देवव।
वन विभाग के मानना हे कि ग्रामीण मन के सहयोग ले हाथी अउ इंसान दुनों के सुरक्षा सुनिश्चित करे जा सकथे। एखर बर विभाग लगातार निगरानी, मुनादी अउ जागरूकता अभियान चलावत हे ताकि कोनो प्रकार के अप्रिय घटना ले बचाव हो सके।
