रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) के अध्ययन बर राज्य सरकार द्वारा उच्चस्तरीय समिति के गठन के बाद प्रदेश के राजनीतिक माहौल गरमा गे हे। ए विषय ला लेके अब कांग्रेस अउ भाजपा के बीच बयानबाजी तेज होवत दिखत हे। एही क्रम मं प्रदेश के पूर्व मंत्री अउ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत ह सरकार के पहल ऊपर सवाल उठावत कहिन कि अइसने संवेदनशील विषय मं जल्दबाजी उचित नई होही।
अमरजीत भगत के मुताबिक भारत अलग-अलग संस्कृति, परंपरा अउ सामाजिक व्यवस्था वाला देश आय। ए कारण ले अइसने विषय मं व्यापक विचार-विमर्श अउ समाज के हर वर्ग के राय जरूरी हे।
“भारत विविधता वाला देश आय” – अमरजीत भगत
कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ह कहिन कि भारत मं अलग-अलग समुदाय मन अपन-अपन परंपरा, रीति-रिवाज अउ सामाजिक व्यवस्था के अनुसार जीवन यापन करथें। उनकर अनुसार अइसने स्थिति मं सब्बो ऊपर एक समान कानून लागू करे के विषय अत्यंत संवेदनशील हे अउ एला व्यापक सामाजिक दृष्टिकोण ले देखे के जरूरत हे।
उनकर कहना रहिस कि नीति निर्माण के समय देश के सांस्कृतिक विविधता अउ स्थानीय परिस्थितियों ला ध्यान मं रखे जाना जरूरी हे।
आदिवासी इलाका के संदर्भ मं जताइस चिंता
अमरजीत भगत ह कहिन कि प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी इलाका मं रहइया बहुत से लोग अभी UCC के विषय मं पर्याप्त जानकारी नई रखथें। उनकर मत हे कि अइसने महत्वपूर्ण विषय मं निर्णय लेय के पहिली सरकार ला व्यापक जनजागरूकता, संवाद अउ लोगों के राय लेय ऊपर जोर देना चाही।
उनकर अनुसार सरकार ला हर वर्ग के भावना अउ सामाजिक परिस्थिति ला समझके आगे बढ़ना चाही।
“जनता के मूल समस्या ले ध्यान हटाय के कोशिश” – कांग्रेस
कांग्रेस नेता ह ए घलो आरोप लगाइन कि UCC के मुद्दा के माध्यम ले सरकार जनता के रोजमर्रा के मुद्दा मन ले ध्यान हटाय के प्रयास करत हे। उनकर कहना रहिस कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान अउ ग्रामीण विकास जइसने विषय ऊपर सरकार ला अधिक ध्यान देना चाही।
ए टिप्पणी कांग्रेस के राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप मं सामने आइस हे।
सरकार पहले ही कहि चुके हे – अभी सिरिफ समिति गठन
गौर करे के बात ए हे कि राज्य सरकार पहिली ही स्पष्ट कर चुके हे कि फिलहाल UCC लागू करे के निर्णय नई लेय गे हे। सरकार सिरिफ अध्ययन, कानूनी समीक्षा, विशेषज्ञ मन ले सलाह अउ समाज के अलग-अलग वर्ग मन संग संवाद बर उच्चस्तरीय समिति गठित करे हे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह घलो कहे रहिन कि समिति के रिपोर्ट, विशेषज्ञ मन के सुझाव अउ व्यापक विचार-विमर्श के बादे सरकार आगे के प्रक्रिया तय करही।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जारी हे चर्चा
UCC के विषय मं प्रदेश मं अलग-अलग राजनीतिक दल अपन-अपन राय रखत हें। एक ओर भाजपा सरकार एला अध्ययन अउ संवाद के प्रक्रिया बतावत हे, त दूसर ओर कांग्रेस ए विषय ऊपर सवाल उठावत हे।
राजनीतिक विश्लेषक मन के मुताबिक समिति के अध्ययन पूरा होय के बाद ए विषय मं अउ विस्तृत चर्चा हो सकथे। फिलहाल सरकार के स्तर ले ए बात स्पष्ट करे गे हे कि अंतिम निर्णय अभी नइ होय हे।
अभी प्रक्रिया के शुरुआती चरण मं हे मामला
राज्य सरकार द्वारा गठित समिति अब कानूनी, सामाजिक अउ प्रशासनिक पहलू मन के अध्ययन करही। समिति विशेषज्ञ मन, सामाजिक संगठन अउ संबंधित पक्ष मन ले सुझाव लेके अपन रिपोर्ट सरकार ला सौंपही। ओकरे बादे सरकार आगे के नीति निर्धारण ऊपर निर्णय लेही।
फिलहाल UCC ला लेके राजनीतिक बयानबाजी जरूर तेज हो गे हे, फेर अंतिम फैसला समिति के अनुशंसा अउ सरकार के आगामी निर्णय ऊपर निर्भर रहही।
