रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं समान नागरिक संहिता (UCC) ला लेके सियासी बयानबाजी अब तेज होवत दिखत हे। राज्य सरकार द्वारा UCC के अध्ययन बर उच्चस्तरीय समिति के गठन के बाद कांग्रेस के सवाल मन ऊपर अब सरकार के ओर ले जवाब सामने आइस हे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ह कांग्रेस के आरोप मन के पलटवार करत कहिन कि सरकार अभी UCC लागू नई करे हे, बल्कि विषय के गहन अध्ययन, सुझाव अउ जनसंवाद बर विशेषज्ञ समिति बनाय गे हे।
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, कांग्रेस बिना पूरा जानकारी के जनता मं भ्रम फैलाय के कोशिश करत हे, जबकि सरकार पारदर्शी तरीका ले सब्बो वर्ग मन ले चर्चा करके आगे के निर्णय लेही।
“सरकार अभी सिरिफ अध्ययन करावत हे” – अरुण साव
अरुण साव कहिन कि राज्य सरकार ह फिलहाल एक विशेषज्ञ समिति के गठन करे हे, जेन ह समान नागरिक संहिता के कानूनी, सामाजिक अउ प्रशासनिक पहलू मन के अध्ययन करही। समिति समाज के अलग-अलग वर्ग, सामाजिक संगठन, विधि विशेषज्ञ अउ संबंधित पक्ष मन ले सुझाव लेके अपन रिपोर्ट सरकार ला सौंपही।
उनकर कहना रहिस कि समिति के अनुशंसा मिलय के बादे सरकार आगे के प्रक्रिया ऊपर विचार करही। अइसने मं कांग्रेस के वर्तमान आरोप तथ्य आधारित नई हें।
“भ्रम फैलाय के राजनीति करत हे कांग्रेस”
उपमुख्यमंत्री ह आरोप लगाइस कि कांग्रेस हर महत्वपूर्ण विषय मं जनता मं अनावश्यक भ्रम पैदा करे के कोशिश करथे। उनकर कहना रहिस कि बिना तथ्य जाने बयानबाजी करना उचित नई हे।
अरुण साव के मुताबिक, सरकार के उद्देश्य समाज के हर वर्ग के बात सुने अउ व्यापक चर्चा के बाद संतुलित निर्णय लेना हे। ए प्रक्रिया मं पारदर्शिता अउ जनभागीदारी ला प्राथमिकता दी जावत हे।
केदार गुप्ता कहिन – आदिवासी समाज के परंपरा सुरक्षित रहही
भाजपा नेता केदार गुप्ता ह घलो कांग्रेस के आरोप मन ला खारिज करत कहिन कि समान नागरिक संहिता ला लेके आदिवासी समाज मं अनावश्यक डर फैलाय जा रहल हे।
उनकर कहना रहिस कि UCC लागू होय या ए संबंध मं आगे कोनो निर्णय लेय जावय, आदिवासी समाज के सांस्कृतिक पहचान, परंपरा, रीति-रिवाज अउ सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण के विषय ला गंभीरता ले देखे जाही। कांग्रेस के आरोप वास्तविक स्थिति ले मेल नई खाथें।
सरकार के फोकस – संवाद अउ सहमति
भाजपा नेता मन के मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व मं सरकार ए विषय मं जल्दबाजी मं कोनो फैसला नई लेवत हे। विशेषज्ञ मन के सलाह, सामाजिक संगठन मन के सुझाव अउ अलग-अलग वर्ग ले संवाद के बादे नीति तय करे जाही।
सरकार के दावा हे कि समिति के रिपोर्ट के आधार मं ही आगे के दिशा तय होही, ताकि निर्णय संवैधानिक प्रावधान अउ समाज के जरूरत के अनुरूप होवय।
प्रदेश मं जारी हे राजनीतिक चर्चा
UCC के अध्ययन बर समिति गठन के बाद छत्तीसगढ़ के राजनीतिक माहौल मं ए विषय प्रमुख चर्चा के केंद्र बन गे हे। एक ओर सरकार अध्ययन अउ संवाद के प्रक्रिया के बात करत हे, त दूसर ओर विपक्ष अपन सवाल उठा रहल हे।
राजनीतिक विश्लेषक मन के अनुसार, आने वाला समय मं समिति के अध्ययन अउ रिपोर्ट के बाद ए विषय ऊपर अउ विस्तृत चर्चा हो सकथे। फिलहाल सरकार के स्तर ले स्पष्ट करे गे हे कि समिति के सुझाव के बादे आगे के निर्णय लेय जाही।
अभी लागू नई होय हे UCC
गौर करे के बात ए हे कि छत्तीसगढ़ सरकार ह अभी समान नागरिक संहिता लागू करे के घोषणा नई करे हे। फिलहाल सिरिफ उच्चस्तरीय समिति बनाय गे हे, जेन ह अध्ययन, विशेषज्ञ परामर्श अउ जनसंवाद के आधार मं अपन रिपोर्ट तैयार करही। ए रिपोर्ट के बादे सरकार आगे के कदम तय करही।
