रायपुर (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। छत्तीसगढ़ मं समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करे के दिशा मं राज्य सरकार ह महत्वपूर्ण पहल करे हे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ह UCC के विभिन्न पहलू मन के अध्ययन, कानूनी समीक्षा अउ प्रारूप तैयार करे बर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन करिस। ए संबंध मं सामान्य प्रशासन विभाग ह शुक्रवार के आधिकारिक आदेश जारी करिस।
राज्य सरकार के मुताबिक, समिति व्यापक अध्ययन, विशेषज्ञ मन ले सलाह-मशविरा अउ समाज के अलग-अलग वर्ग मन संग संवाद के बाद अपन सुझाव प्रस्तुत करही। ए प्रक्रिया के बादे सरकार आगे के निर्णय लेही।
न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करहीं समिति के अगुवाई
जारी आदेश अनुसार, उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ला बनाय गे हे। समिति मं शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत अउ मोहन पवार सदस्य के रूप मं शामिल हें। महिला प्रतिनिधित्व के रूप मं ज्योति रानी सिंह ला समिति के सदस्य बनाय गे हे।
सरकार के मंशा हे कि समिति मं कानूनी, प्रशासनिक अउ सामाजिक अनुभव रखे वाले सदस्य मन के माध्यम ले विषय के हर पहलू ऊपर गहराई ले अध्ययन करे जावय।
व्यापक अध्ययन अउ जनसंवाद के बाद बनही आगे के रूपरेखा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) मं समिति गठन के जानकारी साझा करत कहिन कि राज्य सरकार जल्दबाजी मं फैसला नई लेही। सरकार पहिली व्यापक अध्ययन, विशेषज्ञ मन के राय अउ समाज के हर वर्ग ले संवाद करही।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ए प्रक्रिया के उद्देश्य ए सुनिश्चित करना हे कि विषय के कानूनी, सामाजिक अउ प्रशासनिक पहलू मन के संतुलित ढंग ले अध्ययन होय अउ ओकरे आधार मं आगे के कार्यवाही तय करे जावय।
का होथे समान नागरिक संहिता (UCC)?
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) एक अइसने व्यवस्था के अवधारणा आय, जिहां विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना अउ पारिवारिक कानून जइसने नागरिक विषय मन बर सब्बो नागरिक ऊपर एक समान कानून लागू होय।
वर्तमान मं भारत मं अलग-अलग धार्मिक समुदाय मन बर अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हें। UCC के उद्देश्य ए विषय मन बर एक समान नागरिक कानून के व्यवस्था तैयार करना बताय जाथे।
ध्यान देय योग्य बात: छत्तीसगढ़ सरकार अभी UCC लागू नई करे हे। फिलहाल सरकार ह अध्ययन, विशेषज्ञ परामर्श अउ सुझाव बर समिति गठित करे हे। समिति के रिपोर्ट के बादे आगे के प्रक्रिया तय होही।
समिति करही कानूनी अउ सामाजिक पहलू के अध्ययन
राज्य सरकार के मुताबिक, समिति अलग-अलग राज्य मन के अनुभव, कानूनी प्रावधान, संवैधानिक व्यवस्था अउ सामाजिक प्रभाव के अध्ययन करही। जरूरत पड़ही त विशेषज्ञ मन, विधि विशेषज्ञ, सामाजिक संगठन अउ संबंधित पक्ष मन ले सुझाव घलो लेय जा सकथे।
ए अध्ययन के आधार मं समिति अपन अनुशंसा सरकार ला सौंपही, जेन उपर आगे के निर्णय लेय जाही।
प्रदेश मं बढ़िस चर्चा
समिति गठन के घोषणा के बाद प्रदेश मं UCC ला लेके चर्चा तेज हो गे हे। अलग-अलग सामाजिक, कानूनी अउ राजनीतिक क्षेत्र के लोग ए विषय ला अपन-अपन दृष्टिकोण ले देखत हें।
हालांकि सरकार के ओर ले साफ करे गे हे कि ए समय सिरिफ अध्ययन अउ परामर्श के प्रक्रिया शुरू करे गे हे। अंतिम निर्णय समिति के रिपोर्ट अउ आगे के विचार-विमर्श के बादे लेय जाही।
सरकार के फोकस—सहमति अउ संवाद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान ले ए स्पष्ट होथे कि सरकार ए विषय मं व्यापक सहमति अउ संवाद के माध्यम ले आगे बढ़े के पक्ष मं हे। विशेषज्ञ मन के राय, कानूनी समीक्षा अउ समाज के सब्बो वर्ग के सुझाव के आधार मं आगे के नीति तय करे जाही।
ए पहल ला छत्तीसगढ़ मं UCC के दिशा मं शुरुआती प्रशासनिक कदम के रूप मं देखे जा रहल हे।
