कटघोरा। कटघोरा वनमंडल अंतर्गत सलिहाभाठा क्षेत्र के घना जंगल इन दिन मन प्रकृति प्रेमी अउ वन्यजीव प्रेमी मन बर खास आकर्षण के केंद्र बने हवय। ए इलाका मं करीब 15 हाथी मन के एक दल ल जंगल के भीतर बने जलाशय मं जलक्रीड़ा करत, एक-दूसर संग अठखेलियां मचावत अउ अपन ऊपर मिट्टी उड़ाके प्राकृतिक स्नान करत देखे गीस। ए नजारा देखके जंगल मं मौजूद लोग मन मंत्रमुग्ध होगे।
हाथी मन के दल मं विशाल नर हाथी, कई मादा हाथी अउ नन्हे-नन्हे शावक घलो शामिल रहिन। छोटे हाथी मन पानी मं खेलत अउ बड़े हाथी मन के संग उछल-कूद करत नजर आइन। ए मनभावन दृश्य जंगल के प्राकृतिक सुंदरता ल अउ बढ़ा दिस।
पानी अउ मिट्टी संग मस्ती करत दिखे हाथी
जंगल के जलाशय मं हाथी मन ल लंबे समय तक पानी मं खेलत देखे गीस। कुछ हाथी अपन सूंड ले पानी भरके एक-दूसर ऊपर उड़ावत रहिन, त कुछ अपन देह ऊपर मिट्टी डालके प्राकृतिक स्नान करत रहिन।
वन विशेषज्ञ मन के मुताबिक हाथी मन बर मिट्टी स्नान बहुत जरूरी होथे। एखर ले शरीर के तापमान नियंत्रित रहिथे, चमड़ी ल कीड़े-मकोड़ा ले सुरक्षा मिलथे अउ तेज धूप ले बचाव घलो होथे। ए सब हाथी मन के स्वाभाविक व्यवहार के हिस्सा आय।
नन्हे शावक बनिन आकर्षण के केंद्र
पूरा दल मं मौजूद नन्हे हाथी मन सबले जियादा आकर्षण के केंद्र रहिन। छोटे-छोटे शावक पानी मं खेलत, दौड़त अउ अपन मां के आसपास मस्ती करत नजर आइन। बड़े हाथी मन लगातार शावक मन के सुरक्षा मं लगे रहिन।
वन्यजीव प्रेमी मन के मुताबिक ए दृश्य देखना बहुत दुर्लभ अनुभव रहिस। जंगल के प्राकृतिक माहौल मं हाथी मन के परिवारिक व्यवहार देखे के मौका बहुत कम मिलथे।
भोजन अउ पानी के पर्याप्त व्यवस्था के कारण डेरा जमाए हवयं हाथी
वन विभाग के अधिकारी मन बताइन कि सलिहाभाठा क्षेत्र के जंगल मं अभी भोजन अउ पानी के पर्याप्त उपलब्धता हवय। जंगल मं हरियर वनस्पति, बांस, घास अउ जल स्रोत भरपूर मात्रा मं मौजूद हवंय। एही कारण ले हाथी मन फिलहाल ए इलाका ल छोड़के दूसर जगह नई गेंय।
अधिकारी मन के अनुसार जब तक जंगल मं भोजन अउ पानी के कमी नई होही, तब तक हाथी मन ए क्षेत्र मं डेरा जमाए रख सकथें।
वन विभाग रखत हवय लगातार नजर
हाथी मन के गतिविधि ऊपर वन विभाग लगातार नजर रखे हवय। वन अमला जंगल के अलग-अलग इलाका मं निगरानी करथे, ताकि हाथी मन सुरक्षित रहंय अउ गांव के तरफ नई बढ़ंय।
विभाग के अधिकारी मन ग्रामीण मन ल सतर्क रहाय के सलाह घलो दे हवयं। जंगल किनारे बसे गांव के लोग मन ल कहे गे हवय कि रात के समय जंगल तरफ नई जावंय अउ हाथी मन ले सुरक्षित दूरी बनाए रखंय।
वन्यजीव संरक्षण बर सुखद संकेत
विशेषज्ञ मन के मुताबिक कटघोरा वनमंडल मं हाथी मन के ए तरह के प्राकृतिक व्यवहार ए बात के संकेत आय कि जंगल के पर्यावरण अभी घलो वन्यजीव मन बर अनुकूल हवय। जिहां पर्याप्त भोजन, पानी अउ सुरक्षित वातावरण मिलथे, उहिच हाथी मन लंबे समय तक रहना पसंद करथें।
वन्यजीव संरक्षण के नजरिया ले ए स्थिति सकारात्मक माने जावत हवय। एखर ले पता चलथे कि जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित बने हवय।
प्रकृति प्रेमी मन बर बनिस खास आकर्षण
हाल के दिन मन जंगल मं हाथी मन के ए मनमोहक दृश्य के चर्चा चारों ओर होवत हवय। प्रकृति प्रेमी अउ वन्यजीव फोटोग्राफर मन घलो ए इलाका मं खास रुचि दिखावत हवंय। हालांकि वन विभाग आम नागरिक मन ल नियम के पालन करे अउ हाथी मन के बहुत नजदीक नई जाय के सलाह दे हवय।
विशेषज्ञ मन कहिथें कि हाथी शांत स्वभाव के जरूर होथें, फेर खतरा महसूस होय मं आक्रामक घलो हो सकथें। एही से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी हवय।
जंगल के सुंदरता मं चार चांद लगा दिस ए नजारा
सलिहाभाठा जंगल मं 15 हाथी मन के जलक्रीड़ा अउ मिट्टी स्नान के ए दुर्लभ दृश्य प्रकृति के अद्भुत सुंदरता ल फिर एक बार सामने ले आइस। जंगल मं हाथी मन के ए सहज व्यवहार सिरिफ वन्यजीव प्रेमी मन बर नई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के महत्व ल घलो उजागर करथे।
